जरहाभाठा का ऐतिहासिक जतिया तालाब, जिसे करोड़ों की लागत से संवारा गया था, अब देखरेख के अभाव में असामाजिक तत्वों का गढ़ बन गया है। कभी मनोरंजन का केंद्र रहा यह गार्डन आज नशेडियों और गांजा तस्करों का सुरक्षित स्थान बन चुका है। अंधेरा होते ही यहां असामाजिक तत्वों का डेरा जम जाता है, जिससे आसपास के रहवासी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।