आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर दोहरा और बेहद आक्रामक जुबानी हमला बोला है। फ्रांस में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होने वाली मुलाकात से ठीक पहले, केजरीवाल ने एक तरफ जहां तीन भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाकर प्रधानमंत्री को 'कमजोर और चुप' न रहने की नसीहत दी है, वहीं दूसरी तरफ देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को सीधे तौर पर राजनीतिक खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) से जोड़कर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। ट्रंप से मीटिंग पर केजरीवाल बोले- 'अमेरिका से माफी मंगवाएं प्रधानमंत्री' फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक को लेकर अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को सीधे संबोधित करते हुए कड़ा संदेश देने की मांग की है। केजरीवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री जी, आज आपकी फ्रांस में ट्रंप के साथ वन-टू-वन मीटिंग है। ट्रंप को आज आप साफ़-साफ़ शब्दों में बोल दीजिए। ट्रंप ने हमारे तीन भारतीयों की मिसाइल दागकर निर्मम हत्या कर दी। उन्हें साफ़ शब्दों में 140 करोड़ भारत के लोगों का संदेश दे दीजिए कि भारत के लोग बहुत नाराज़ हैं। भारत एक महान और शक्तिशाली देश है, वह इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।" 'हमें चुप रहने वाला प्रधानमंत्री नहीं चाहिए' प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने आगे कहा, “तीन भारतीयों को मौत के घाट उतार दिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री जी, क्या आपने कोई कड़ी प्रतिक्रिया दी? आपने एक संदेश तक नहीं दिया, उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना तक नहीं की। हमें एक शक्तिशाली और बहादुर प्रधानमंत्री की ज़रूरत है, कमज़ोर और चुप रहने वाला प्रधानमंत्री नहीं चाहिए। आज आपको भारत के लोगों का गुस्सा और दुःख ट्रंप को बताना ही पड़ेगा। उन्हें चेतावनी दीजिए कि ट्रंप और अमेरिका को भारत से माफ़ी मांगनी पड़ेगी।” पेपर लीक पर बड़ा आरोप— 'बंद कर दिया तो MLA-MP खरीदने का पैसा कहां से आएगा?' विदेशी मोर्चे के साथ-साथ केजरीवाल ने घरेलू मोर्चे पर भी सरकार को बुरी तरह घेरा। देश में लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीयत ही इस समस्या को खत्म करने की नहीं है। 'सेना के जहाज और टेलीग्राम बैन' जैसे कदम बेतुके केजरीवाल ने सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों को दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा, "सेना के जहाज़ों से पेपर ट्रांसपोर्ट करना, टेलीग्राम बंद करना... क्या इन कदमों से पेपर लीक बंद होंगे? बिल्कुल नहीं। ये बेहद बेतुके कदम हैं।" अरबों का धंधा है पेपर लीक, पैसा 'टॉप' तक जाता है केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पेपर लीक का यह खेल कोई छोटा-मोटा मामला नहीं, बल्कि अरबों रुपये का संगठित काला कारोबार है। उन्होंने सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, "यह अरबों का धंधा है और इसका पैसा नीचे से लेकर बिल्कुल टॉप (शीर्ष) तक जाता है। अगर सरकार ने पेपर लीक का यह धंधा बंद कर दिया, तो फिर विधायकों (MLA) और सांसदों (MP) को खरीदने के लिए पैसे कहां से आएंगे?"