NTA बनाया तो गया था सुरक्षित तरीके से मेडिकल पढ़ाई में दाखिले के लिए, विश्वस्तरीय शैक्षिक ढांचा तैयार करने के मकसद से, लेकिन नौ साल में NTA पेपर लीक और नाकामी की मिसाल बनकर रह गया।