रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का IPL 2026 के प्लेऑफ में जाने का चांस 99 प्रतिशत हो गया है, यानी उनका क्वालीफाई करना लगभग तय है. कोलकाता नाइट राइडर्स को हराने के बाद RCB 16 अंकों पर पहुंच गई है, जिससे समीकरण बदल गया है. KKR के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है, क्योंकि चांस 5 प्रतिशत से भी कम रह गया है.IPL 2026 के प्लेऑफ की दौड़ से अभी आधिकारिक तौर पर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स ही बाहर हुई हैं. जबकि कोई टीम क्वालीफाई नहीं कर पाई है. अब लीग स्टेज के 13 मैच बाकी हैं. RCB, GT, SRH, PBKS, CSK, RR, DC और KKR की उम्मीदें अभी जिंदा है, लेकिन इनमें से कुछ टीमों का रास्ता आसान है और उन्हें सिर्फ अपने मैच जीतने हैं जबकि कुछ टीमों की किस्मत अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर है.सभी 8 टीमों के प्लेऑफ में जाने के कितने चांसरॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: RCB के चांस अब 99 प्रतिशत हो गए हैं, 12 में से 8 जीत के साथ टीम के 16 अंक हो गए हैं. टीम तालिका में पहले स्थान पर है. बेंगलुरु टॉप-2 में रहेगी, इसकी संभावना 77.6 प्रतिशत है.गुजरात टाइटंस: गुजरात टॉप-4 में रहेगी, इसके चांस 99.7 प्रतिशत है. GT ने 12 में से 8 मैच जीते हैं, उनके 16 अंक है और वो अंक तालिका में दूसरे नंबर पर है. गुजरात के टॉप-2 में रहने की संभावना 82.6 प्रतिशत है.यह भी पढ़ें- एक दिन मैं खेलना छोड़ दूंगा..., शतक के बाद विराट कोहली का भावुक बयान, जानिए क्यों कहा ऐसासनराइजर्स हैदराबाद: SRH के प्लेऑफ में जाने के चांस 77 प्रतिशत है और टॉप-2 में रहने के चांस 31.4 प्रतिशत है.पंजाब किंग्स: PBKS के प्लेऑफ में जाने के चांस 63.6 प्रतिशत है, उनके टॉप-2 में रहने के चांस घटकर 22.2 रह गए हैं.चेन्नई सुपर किंग्स: CSK के प्लेऑफ में जाने के चांस 53.2 प्रतिशत है, लेकिन उनके टॉप-2 में रहने की संभावना सिर्फ 19 प्रतिशत है.राजस्थान रॉयल्स: RR के टॉप-4 में रहने की संभावना 53 प्रतिशत है, उनका टॉप-2 में रहने का चांस 15.3 प्रतिशत है. यह भी पढ़ें- 2 'डक' से हुआ था 3.15 करोड़ का नुकसान, विराट कोहली ने एक शतक से कर दी पूरी भरपाई! समझिए कैसेकोलकाता नाइट राइडर्स: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से हारने के बाद KKR का प्लेऑफ में जाने का चांस घटकर 2.6 प्रतिशत रह गया है, वह अपने सभी मैच जीतकर भी 15 अंकों तक ही पहुंच पाएगी. यानी उनके टॉप-2 में जाने की संभावना अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है.दिल्ली कैपिटल्स: कोलकाता की तरह DC की भी टॉप-2 तक पहुंचने की संभावना खत्म हो चुकी है. दिल्ली के प्लेऑफ में जाने के चांस भी सिर्फ 2.7 प्रतिशत है.