हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में खयाल गायकी मुख्य रूप से दो भागों में प्रस्तुत की जाती है- बड़ा खयाल और छोटा खयाल। दोनों का उद्देश्य राग को प्रस्तुत करना होता है, लेकिन शैली और गति में अंतर होता है।