पेयजल की गुणवत्ता और जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर मामला अब गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।