पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान पहले वह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन से मुलाकात करेंगे। जबकि फिर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान से मुलाकात तय है। यह मुलाकात क्रमश: दोपहर एक और तीन बजे तय है। इसके बाद वह मीडिया से बात करेंगे। इस दौरान पंजाब में लटके हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रोजेक्टों व गेहूं को गाेदामों से उठाने व धान की बिजाई को लेकर कई मुद्दों पर रणनीति बनाएंगे मुख्यमंत्री की यह पहली मुलाकात राज्य के मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्री नीतिन गटकरी से यह पहली मुलाकात है। नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स को लेकर केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के बीच काफी समय तक विवाद रहा है। यह विवाद मुख्य रूप से कानून व्यवस्था और जमीन अधिग्रहण को लेकर है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर कहा था कि पंजाब में एनएचएआई अधिकारियों और ठेकेदारों की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने जालंधर और लुधियाना में इंजीनियरों पर हुए हमलों और धमकियों का हवाला देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो करीब 14,288 करोड़ रुपए के 8 बड़े हाईवे प्रोजेक्ट रद्द किए जा सकते हैं। वहीं पंजाब सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि कई घटनाएं ठेकेदारों की लापरवाही के कारण हुईं, जैसे जरूरत से ज्यादा खुदाई करना या मजदूरों और जमीन मालिकों को समय पर भुगतान न करना। राज्य सरकार का दावा है कि कानून व्यवस्था की स्थिति को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है। इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि प्राधिकरण जमीन के कम रेट तय करता है, जबकि जमीनों के बाजार भाव ज्यादा हैं। बाढ़ के समय किया था पंजाब का दौराकेंद्रीय कृषि मंत्री ने बाढ़ के समय सितंबर में पंजाब का दौरा किया था। 4 सितंबर 2025 को उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया था। इस दौरान वह अमृतसर, गुरदासपुर और कपूरथला जिलों में गए थे। किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिया था। 26–27 नवंबर 2025 को वे दो दिवसीय दौरे पर पंजाब आए. इस दौरान उन्होंने अमृतसर, मोगा के रणसीह कलां गांव और जालंधर के के.एल. सहगल मेमोरियल हॉल का दौरा किया। यहां उन्होंने किसानों और मनरेगा लाभार्थियों के साथ सीधा संवाद किया.