अंग्रेजों के जमाने के मालगुजार एवं दानवीर दाऊ कल्याण सिंह से संबंधित जमीनों को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता दिखाई दे रहा है। राजस्व मंडल ने स्पष्ट किया कि दाऊ कल्याण सिंह का कोई वैधानिक वारिस नहीं है।