Which Fruits Are Best For Diabetes Patients: भारत इस समय तेजी से बढ़ती डायबिटीज की चुनौती का सामना कर रहा है. साल 2023 में पब्लिश इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च- इंडिया डायबिटीज स्टडी के अनुसार देश में करीब 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जबकि लगभग 13.6 करोड़ लोग प्रीडायबिटिक कैटेगरी में आते हैं. यानी ये लोग आने वाले वर्षों में डायबिटीज के शिकार हो सकते हैं. शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी इस बीमारी के बढ़ते मामलों ने खानपान और लाइफस्टाइल को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं.क्या डायबिटीज में फलों को खाना बंद कर देना चाहिए?डायबिटीज से जुड़े सबसे आम भ्रमों में से एक यह है कि मरीजों को फल खाना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए, क्योंकि फलों में प्राकृतिक शर्करा होती है. हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है. किसी फल का असर केवल उसकी मिठास से तय नहीं होता, बल्कि उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स, ग्लाइसेमिक लोड , फाइबर की मात्रा, फ्रुक्टोज का स्तर और सेवन की मात्रा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. किन फलों को ज्यादा खाने से बचना चाहिए?कुछ फल ऐसे होते हैं जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है. इनमें आम, चीकू, अंगूर, पका हुआ केला, सीताफल और कटहल शामिल हैं. इनका सेवन यदि अधिक मात्रा में किया जाए तो भोजन के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. इसलिए इन फलों को सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है.कौन से फल डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर विकल्प?वहीं कुछ फल डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर विकल्प माने जाते हैं. अमरूद, सेब, नाशपाती, संतरा, पपीता, कीवी और बेरीज जैसे फल फाइबर से भरपूर होते हैं और शरीर में ग्लूकोज को धीरे-धीरे रिलीज करते हैं. इससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ने की संभावना कम हो जाती है. एक्सपर्ट के अनुसार अमरूद डायबिटीज मरीजों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है. इसमें प्रति 100 ग्राम लगभग 5 ग्राम फाइबर पाया जाता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और भोजन के बाद ब्लड शुगर में आने वाले उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने में सहायक होता है.इसे भी पढ़ें - Pimples Before Periods: पीरियड्स से पहले चेहरे पर आने लगते हैं पिंपल्स, समझिए शरीर का ये खास इशारासीमित मात्रा में खाना फायदेमंदफरीदाबाद स्थित अमृता अस्पताल के एंडोक्रिनोलॉजी एवं डायबिटीज विभाग के प्रमुख डॉ. निशांत रायजादा ने TOI को बताया कि अधिकांश मरीज फलों को केवल उनकी मिठास के आधार पर देखते हैं, जबकि शरीर की प्रतिक्रिया फाइबर, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और हिस्से के आकार पर ज्यादा निर्भर करती है. सीमित मात्रा में खाए गए साबुत फल डायबिटीज डाइट का सुरक्षित हिस्सा हो सकते हैं. एक्सपर्ट फलों के रस को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह देते हैं. जूस बनाने की प्रक्रिया में फलों का अधिकांश फाइबर निकल जाता है, जिससे ग्लूकोज तेजी से रक्त में पहुंचता है. एक गिलास जूस में कई फलों के बराबर शर्करा हो सकती है, लेकिन उससे पेट भरने का एहसास नहीं होता.इसे भी पढ़ें - Childhood Cancer: अब जानलेवा नहीं रहा चाइल्डहुड कैंसर! 85% बच्चों की बच रही जानDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.