Organ Meat Health Risks: मटन खाते हैं? कलेजी, दिमाग और गुर्दा हर किसी के लिए नहीं, डॉक्टर भी देते हैं वार्निंग

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Health Benefits And Risks Of Organ Meat: मटन खाने के शौकीन लोगों की थाली में अक्सर कलेजी, दिमाग, गुर्दा और दिल जैसी चीजें भी शामिल होती हैं. इन्हें ऑर्गन मीट या ऑफल कहा जाता है. कई लोग इन्हें स्वाद के लिए खाते हैं, तो कुछ इन्हें पोषण का खजाना मानते हैं. सच भी यही है कि इन अंगों में कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि ये हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं हैं. कुछ लोगों के लिए इनका ज्यादा सेवन फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है.किन लोगों को इससे बचकर रहना चाहिए?हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट webmd के अनुसार,  फायदों के बावजूद कलेजी, दिमाग और गुर्दा रोजाना या जरूरत से ज्यादा नहीं खाना चाहिए. खासकर कलेजी और दिल में कोलेस्ट्रॉल काफी अधिक होता है. अगर किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल पहले से बढ़ा हुआ है या उसे दिल की बीमारी का खतरा है, तो ज्यादा मात्रा में ऑर्गन मीट खाना हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकता है. इसके अलावा, जिन लोगों को गाउट  की समस्या है, उन्हें भी कलेजी, गुर्दा और दूसरे ऑर्गन मीट से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है. इनमें प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में यूरिक एसिड बढ़ाकर जोड़ों के दर्द और सूजन की समस्या को और गंभीर बना सकती है.डॉक्टर यह भी बताते हैं कि हीमोक्रोमैटोसिस जैसी बीमारी से पीड़ित लोगों को भी ऑर्गन मीट सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. इस बीमारी में शरीर में पहले से ही आयरन अधिक होता है, इसलिए आयरन से भरपूर कलेजी जैसी चीजें नुकसान पहुंचा सकती हैं.पूरी तरह फिट लोगों को क्या ध्यान रखना चाहिए?एक्सपर्ट की सलाह है कि अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं, तब भी ऑर्गन मीट को रोज की डाइट का हिस्सा बनाने के बजाय कभी-कभार और सीमित मात्रा में ही खाएं. वहीं अगर आपको दिल की बीमारी, हाई कोलेस्ट्रॉल, गाउट या आयरन ओवरलोड जैसी कोई समस्या है, तो इन्हें खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. स्वाद के साथ सेहत का संतुलन बनाए रखना ही सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है.इसे भी पढ़ें - Pimples Before Periods: पीरियड्स से पहले चेहरे पर आने लगते हैं पिंपल्स, समझिए शरीर का ये खास इशाराएक्सपर्ट के अनुसार, कलेजी, गुर्दा और दिल में विटामिन बी12, आयरन, जिंक और कई बी-विटामिन अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं. यही वजह है कि जिन लोगों में आयरन की कमी होती है, उनके लिए सीमित मात्रा में कलेजी फायदेमंद मानी जाती है. इससे शरीर में आयरन का स्तर बढ़ सकता है और कमजोरी या थकान जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है.फायदेमंद भी होता हैकलेजी में मौजूद विटामिन बी1 और अन्य पोषक तत्व दिमाग की काम करने की क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. वहीं विटामिन बी2 शरीर के सेल्स को स्वस्थ रखने के साथ कुछ तरह के कैंसर के खतरे को कम करने में भी भूमिका निभा सकता है. इसके अलावा दिल, कलेजी और गुर्दे में पाया जाने वाला विटामिन बी12 और फोलेट ब्लड में होमोसिस्टीन के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे हार्ट संबंधी बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है.इसे भी पढ़ें - Childhood Cancer: अब जानलेवा नहीं रहा चाइल्डहुड कैंसर! 85% बच्चों की बच रही जानDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.