चंपत राय ये तो मानते हैं कि उन्होंने गलत लोगों पर विश्वास किया पर ये मानने को तैयार नहीं कि बार बार चेतावनी मिलने और अलग-अलग लोगों के कहने के बावजूद उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी। काउंटिंग रूम में जब Spycam लगाया गया, लोग जेबों में नोट भरते दिखाई दिए, तो भी चंपत राय उन पापियों को पुलिस को सौंपने के लिए तैयार नहीं थे।