संसदीय समित कि रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसे संसद के मॉनसून सत्र में पेश कर सकती है। मानसून सत्र में इसको लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच काफी बहस भी हो सकती है।