सांदीपनि विद्यालयों में पर्याप्त व्यवस्था और अंग्रेजी माध्यम की नियमित कक्षाएं शुरू नहीं होने से कई विद्यार्थी प्रवेश निरस्त कर निजी स्कूलों की ओर लौट रहे हैं।