किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए जागरूक किया जाए। जल संरक्षण और उसके सदुपयोग को लेकर नगरीय निकाय से लेकर पंचायतराज संस्थाएं काम करेंगी।