अजयदीप ने अपने इस शोध का प्रस्तुतिकरण वरिष्ठ विज्ञानियों के समक्ष करने के साथ साथ ही इंटरनेशल जर्नल में प्रकाशित हो चुकी है तो वहीं उनके इस शोध को अमेरिकी जर्नल से एसेंपटेंस मिलने के बाद ब्रोकलेन विश्वविद्यालय में भी प्रकाशित हो चुका है। इस नवाचार को भारत सरकार के बौद्विक संपदा कार्यालय से कॉपीराइट अधिकार भी मिल चुका है।