भारत के प्रतिनिधिमंडल में राम माधव और पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे मौजूद थे. राम माधव ने अपनी मौजूदगी को स्वीकार किया है लेकिन इसे दूसरी तरह से पेश किया है.