पुलिस ने यह भी तर्क दिया कि आरोपित ने जांच में सहयोग नहीं किया और उसके फरार रहने व साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका है। आरोपित की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका में दावा किया गया कि पीड़िता अपनी इच्छा से उसके साथ गई थी और उसने स्वयं को बालिग बताया था।