चार महीने पहले टी20 वर्ल्ड कप जीतकर चैंपियन बनी टीम इंडिया इन दिनों लगातार हार से जूझ रही है. पहले आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से सीरीज गंवानी पड़ी, वहीं अब इंग्लैंड दौरे पर भी टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है. नॉटिंघम में 125 रन की हार ने टीम इंडिया के प्रदर्शन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद भारतीय टीम में कई बड़े बदलाव हुए. सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी गई, जबकि हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम का हिस्सा नहीं हैं. मुख्य कोच गौतम गंभीर नई टीम तैयार करने में जुटे हैं, लेकिन लगातार मिल रही हार को सिर्फ बदलाव का दौर कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.बल्लेबाजी और कप्तानी बनी चिंताश्रेयस अय्यर का बल्ला भी लगातार नहीं चला है. पिछली पांच पारियों में उन्होंने 3, 10, 68, 37 और 5 रन बनाए हैं. कप्तानी के दौरान कुछ फैसलों पर भी सवाल उठे हैं. बल्लेबाजी क्रम में लगातार बदलाव से खिलाड़ियों की भूमिका भी स्पष्ट नजर नहीं आ रही है. भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड और आयरलैंड की सीम और स्विंग वाली परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल नहीं सके हैं. आईपीएल की आक्रामक बल्लेबाजी यहां असरदार साबित नहीं हुई. ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन निरंतरता नहीं दिखा सके.चयन और गेंदबाजी भी सवालों मेंसंजू सैमसन को तीन खराब पारियों के बाद टीम से बाहर कर दिया गया, जबकि उनकी जगह मिले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी भी अब तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं. ऐसे में टीम चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. गेंदबाजी में भी अनुभवी खिलाड़ियों की कमी साफ नजर आई है. जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी का असर टीम के संतुलन पर पड़ा है. युवा गेंदबाजों को मौके मिल रहे हैं, लेकिन दबाव वाले मुकाबलों में अनुभव की कमी दिखाई दे रही है.यह भी पढ़ें- Why India Lost vs ENG: लगातार दूसरी सीरीज हारा भारत, कप्तान श्रेयस अय्यर से लेकर कोच गंभीर तक सब 'फेल', क्या है वजहटी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत हालात के अनुसार अपने खेल में बदलाव करना था. मौजूदा टीम उसी आक्रामक अंदाज में खेलना चाहती है, लेकिन परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने में सफल नहीं हो रही है. ऐसे में अगर टीम इंडिया को जीत की राह पर लौटना है तो सिर्फ नए खिलाड़ियों पर भरोसा करने के साथ-साथ स्पष्ट रणनीति और बेहतर फैसलों की भी जरूरत होगी.यह भी पढ़ें- Team India Performance Analysis: इंग्लिश कंडीशन में पहली बार खेले 8 भारतीय खिलाड़ी, सीरीज हार का गुनहगार कौन?