इसी महत्वपूर्ण टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति द्वारकाधीश बंसल की एकलपीठ ने उमरिया के लिंक फैमिली कोर्ट का आदेश निरस्त कर महिला के भरण-पोषण संबंधी दावे पर नए सिरे से सुनवाई के निर्देश दिए हैं।