वर्षा ऋतु में बदला ठाकुरजी का भोग, शृंगार और वस्त्र, आषाढ़ मास मेंभगवाव को लगाए जा रहे सुपाच्य भोग, हल्के सूती वस्त्र धारण कर रहे प्रभु

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आषाढ़ में मंदिरों में सेवा परिवर्तनसिनोप्सिस: आषाढ़ मास शुरू होते ही रायपुर के प्रमुख मंदिरों में पूजा-पद्धति बदल गई है। भीषण गर्मी के बाद अब भगवान को शीतल और सुपाच्य भोग लगाए जा रहे हैं। रेशमी वस्त्रों की जगह अब हल्के सूती वस्त्र पहनाए जा रहे हैं और केसर-चंदन के इत्र का उपयोग हो रहा है। भक्तों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।