माना जा रहा है कि भविष्य में किसी भी विकास या अधोसंरचना परियोजना से पहले भूमि की कानूनी स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक होगा। यही वजह है कि वर्षों से लंबित नामांतरण प्रक्रिया को लेकर रक्षा विभाग ने प्रशासन को पत्र भेजा है।