बागेश्वर बाबा ने कहा कि अपने ही संतों, मठों और मंदिरों पर लगातार आक्षेप लगाना अंततः सनातन समाज को ही कमजोर करता है। उन्होंने हिंदुओं से आपसी खींचतान और मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे का सम्मान करने की अपील की।