दिल्ली हाट में Meghalaya Pineapple Festival, दुनिया का सबसे मीठा अनानास चखने का आज आखिरी मौका

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राष्ट्रीय राजधानी के दिल्ली हाट में शुक्रवार से मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल चल रहा है. अगर आप भी दुनिया का सबसे मीठा अनानास चखना चाहते हैं तो आपके पास सिर्फ आज का ही दिन बाकी है. दरअसल, 10 से 12 जुलाई तक चलने वाले इस आयोजन में मेघालय के विश्व प्रसिद्ध प्रीमियम अनानास के साथ राज्य की संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और किसानों की सफलता की कहानी को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है. इस बार फेस्टिवल सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को देश-विदेश के बड़े बाजारों से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है.केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटनफेस्टिवल का उद्घाटन केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की मौजूदगी में किया. कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, रिटेल कंपनियां, निर्यातक, उद्यमी और राज्य के किसान समूह भी शामिल हुए. मेघालय सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से आयोजित यह फेस्टिवल अब राज्य के सबसे महत्वपूर्ण कृषि ब्रांडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में पहचान बना चुका है.मेघालय के अनानास की मिठास ने बनाई अलग पहचानमेघालय का अनानास अपनी तेज सुगंध, कम अम्लता और अधिक मिठास के लिए जाना जाता है. इसका ब्रिक्स वैल्यू 16 से 18 के बीच होता है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है. री-भोई, गारो हिल्स, खासी हिल्स और जयंतिया हिल्स की वर्षा आधारित पहाड़ियों में इसकी खेती होती है और हजारों किसान परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है. फेस्टिवल में खास तौर पर मशहूर 'क्यू' (Kew) किस्म के ताजे अनानास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.Flipkart और NeML के साथ हुए अहम समझौतेफेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में फ्लिपकार्ट और नेशनल ई-मार्केट सर्विसेज लिमिटेड (NeML) के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए. इन साझेदारियों से मेघालय के अनानास उत्पादकों को संगठित रिटेल, संस्थागत खरीदारों और डिजिटल मार्केटप्लेस तक बेहतर पहुंच मिलेगी. इससे किसानों को देशभर में नए बाजार उपलब्ध कराने और बेहतर कीमत दिलाने की दिशा में मदद मिलेगी.मेघालय वैश्विक बाजार में तेजी से बना रहा पहचानकेंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व में मेघालय ने दूरदर्शी नीतियों, सामुदायिक भागीदारी और किसान केंद्रित योजनाओं के जरिए उल्लेखनीय बदलाव किया है. उन्होंने कहा कि मेघालय का अनानास अपनी मिठास, सुगंध और गुणवत्ता के कारण अब अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम बाजारों तक पहुंच चुका है. उन्होंने CM FARM+, MLAMP और Meghalaya State Organic Mission जैसी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य वैश्विक स्तर की कृषि वैल्यू चेन विकसित कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि मेघालय के अनानास, लाकाडोंग हल्दी, संस्कृति और आतिथ्य से राज्य की अंतरराष्ट्रीय पहचान लगातार मजबूत हो रही है.किसानों की आय बढ़ाना सरकार का मुख्य लक्ष्यमुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर नई साझेदारी और हर नए बाजार का लाभ सीधे किसानों और आम लोगों तक पहुंचाना है. उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में यह फेस्टिवल केवल अनानास के प्रचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों, स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों, कारीगरों, कलाकारों और मेघालय की समृद्ध संस्कृति को देश के सामने लाने का बड़ा मंच बन चुका है. उन्होंने कहा कि हर संस्करण को पहले से अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है और देशभर से मिल रहे सकारात्मक सहयोग ने इस पहल को नई ऊंचाई दी है.अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का भी मिल रहा सहयोगमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत अब पिछड़े क्षेत्र की नहीं, बल्कि तेजी से विकसित होती आर्थिक शक्ति की पहचान बना रहा है. फ्लिपकार्ट, अमेजन, सफाल और अन्य बड़े बाजार भागीदारों के साथ-साथ एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB), विश्व बैंक, IFAD सहित कई विकास सहयोगी संस्थानों के समर्थन से किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और उद्यमियों के लिए मजबूत और टिकाऊ वैल्यू चेन तैयार की जा रही है.प्रधानमंत्री से लेकर दुबई तक पहुंचा मेघालय का अनानासहाल के वर्षों में मेघालय के अनानास को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संयुक्त अरब अमीरात दौरे के दौरान वहां के राष्ट्रपति को मेघालय का अनानास भेंट किया था. वहीं जून 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दुबई के Lulu Retail के लिए दो मीट्रिक टन मेघालय अनानास की खेप को रवाना किया था. अब तक Meghalaya State Agricultural Marketing Board (MSAMB) के जरिए 100 मीट्रिक टन से अधिक अनानास का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विपणन एवं निर्यात किया जा चुका है.चार संस्करणों में दोगुनी हुई दिल्ली भेजी जाने वाली खेपकार्यक्रम के दौरान 'Meghalaya Pineapple: A Four-Edition Journey' पुस्तक का भी विमोचन किया गया. इसमें वर्ष 2023 से शुरू हुए फेस्टिवल की यात्रा को दर्ज किया गया है. पहले संस्करण में जहां दिल्ली के लिए 7.7 मीट्रिक टन ताजा अनानास भेजा गया था, वहीं 2025 तक यह मात्रा बढ़कर 15 मीट्रिक टन से अधिक हो गई. इससे उत्पादकों, रिटेल कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच मजबूत संस्थागत नेटवर्क भी तैयार हुआ है.महिला किसानों की भागीदारी बनी बड़ी ताकतराज्य में 40 PRIME हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पहले ही शुरू हो चुके हैं. इसके अलावा 650 से अधिक स्पोक सुविधाएं प्रोसेसिंग, स्टोरेज और एग्रीगेशन का काम कर रही हैं. Community Public-Private Partnership (CPPP) मॉडल और जिरांग ऑर्गेनिक एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPC) जैसे किसान संगठनों ने किसानों को बड़े खरीदारों से जोड़ा है. यह एफपीसी 18 गांवों के 433 किसानों को जोड़ती है, जिनमें लगभग 75 प्रतिशत महिलाएं हैं. इसके खरीदारों में Lulu Group, Reliance Retail, Safal-Mother Dairy और Blinkit जैसी कंपनियां शामिल हैं. वर्ष 2017-21 के दौरान जहां इसकी आय 1.5 लाख रुपये थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 1.17 करोड़ रुपये से अधिक हो गई.वैल्यू एडिशन से किसानों की आय में 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरीसंगठित बाजार में ताजा अनानास की कीमत करीब 22 रुपये प्रति किलोग्राम मिलती है, लेकिन वैल्यू एडिशन के जरिए इसकी कीमत कई गुना बढ़ रही है. प्रीमियम फ्रेश रिटेल, चुर्रास्को पाइनएप्पल, एक्सपोर्ट ग्रेड फ्रोजन पाइनएप्पल क्यूब्स और आगामी फ्रीज-ड्राइड उत्पादों के जरिए उत्पाद का मूल्य 25 प्रतिशत से लेकर लगभग 70 गुना तक बढ़ाने में सफलता मिली है. इससे जुड़े किसानों की आय में करीब 80 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है.दिल्ली हाट में स्वाद, संस्कृति और संगीत का अनूठा अनुभवफेस्टिवल में मेघालय के पारंपरिक व्यंजनों के साथ बैम्बू शूट का अचार, स्मोक्ड पोर्क, ताजे अनानास और स्थानीय खाद्य उत्पादों का स्वाद लेने का अवसर मिल रहा है. साथ ही पारंपरिक हस्तशिल्प, मसाले, अचार और खेतों से सीधे आए फ्रूट बॉक्स भी खरीदे जा सकते हैं. मुख्यमंत्री के Meghalaya Grassroots Music Program (MGMP) के तहत प्रतिदिन लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जा रही हैं, जो कृषि, पर्यटन, संस्कृति और उद्यमिता के समन्वित मॉडल को दर्शाती हैं.अगर घूमने का बना रहे हैं प्लान तो जान लें जरूरी बातेंयह फेस्टिवल 12 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक दिल्ली हाट में आयोजित किया जा रहा है. यहां पहुंचने के लिए INA मेट्रो स्टेशन सबसे सुविधाजनक विकल्प है. स्टॉलों पर UPI और नकद दोनों माध्यमों से भुगतान किया जा सकता है. करीब 500 रुपये के बजट में भी कई स्थानीय व्यंजनों और उत्पादों का आनंद लिया जा सकता है. बारिश के मौसम को देखते हुए दिल्ली हाट में कवर बैठने की व्यवस्था भी उपलब्ध है, जिससे परिवार और पर्यटक आराम से पूरे आयोजन का आनंद उठा सकते हैं.ये भी पढ़ें: ट्रेन के दाम में फ्लाइट से गोवा! 4-स्टार होटल का मजा और फ्री खाना, IRCTC लाया शानदार पैकेज