पीड़ितों का आरोप है कि योगेश साहू ने स्वयं को चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बताकर शेयर मार्केट, फॉरेक्स ट्रेडिंग और गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 100 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए।