रिलेशनशिप एडवाइज- ब्रेकअप हुआ पर भूल नहीं पा रही:उसकी नई गर्लफ्रेंड है, मैं अभी भी पुरानी यादों में फंसी हूं, मूव ऑन कैसे करूं?

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सवाल- मेरी उम्र 25 साल है। 5 महीने पहले मेरा ब्रेकअप हुआ। हम एक साल से रिलेशनशिप में थे। वो तो मूव ऑन कर गया। चार महीने बाद नई गर्लफ्रेंड भी बना ली, लेकिन मैं अभी भी उसी जगह पर अटकी हुई हूं। मैं मूव-ऑन नहीं कर पा रही हूं। उसी के बारे में सोचती हूं, दूसरे अकाउंट से उसका सोशल मीडिया स्टॉक करती हूं (क्योंकि ऑफिशियल अकाउंट पर हमने एक–दूसरे को ब्लॉक कर रखा है)। मैं आगे बढ़ना चाहती हूं, लेकिन बढ़ नहीं पा रही। प्लीज बताइए, मैं क्या करूं? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। आपने लिखा है कि ब्रेकअप के बाद भी आप बार-बार अपने एक्स के बारे में सोचती हैं और दूसरे अकाउंट से उसकी प्रोफाइल स्टॉक करती हैं। सवाल ये है कि ऐसा क्यों होता है? क्यों ब्रेकअप के महीनों बाद भी किसी एक व्यक्ति का ख्याल बार-बार आता रहता है? क्यों हम बार-बार उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल देखने से खुद को रोक नहीं पाते? इसका जवाब सिर्फ प्यार में नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और आदतों में छिपा है। अगर यह समझ में आ जाए कि आपका मन किस चीज को पकड़े हुए है तो मूव-ऑन करना भी आसान हो सकता है। आइए, इसे समझते हैं। उस लड़के को मिस कर रही हैं या रिश्ते के एहसास को? ब्रेकअप के बाद अक्सर हमें लगता है कि हम उसी इंसान को याद कर रहे हैं। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कई बार हमें उसकी मौजूदगी से ज्यादा वह एहसास याद आता है, जो उसके साथ होने पर मिलता था। जैसे कोई हमारा इंतजार करता था, हमारी परवाह करता था, हमें स्पेशल महसूस कराता था या बिना कहे हमारी बातें समझ जाता था। इसलिए सबसे पहले खुद से पूछिए कि आपको सच में उस व्यक्ति की कमी खल रही है या उस रिश्ते से मिलने वाले अपनेपन और सुकून की। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए। आपको कौन सी बातें याद आती हैं? जब यह समझ में आ जाए कि आपको व्यक्ति से ज्यादा रिश्ते से जुड़े कुछ एहसास याद आते हैं, तो अगला कदम यह पहचानना है कि वे एहसास आखिर हैं क्या। क्या आपको उसकी केयर याद आती है, उसका इमोशनल सपोर्ट, उसके साथ सुरक्षित महसूस करना या फिर उसके साथ बिताए छोटे-छोटे पल? इन बातों को पहचानना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यही आपको बताएगा कि आपका मन आज भी किस चीज को पकड़कर बैठा है। नीचे दिए गए ग्राफिक में ऐसे ही कुछ आम एहसास दिए गए हैं। अब ये सोचिए कि ये सारे एहसास क्या जीवन में पहली और आखिरी बार महसूस हुए थे। अब क्या आगे जिंदगी में कोई ऐसा इंसान नहीं आएगा, जो– अभी बहुत लंबी जिंदगी बाकी है। जीवन एक ब्रेकअप पर खत्म नहीं हुआ है। थोड़ा इंतजार करिए और सेल्फ केयर पर ध्यान दीजिए। पिछला ब्रेकअप क्यों हुआ? अगर आप सचमुच आगे बढ़ना चाहते हैं, तो एक बार बिना गुस्से, पछतावे या उम्मीद के अपने पिछले रिश्ते को मुड़कर देखिए। खुद से पूछिए कि वह रिश्ता आखिर क्यों खत्म हुआ। हर ब्रेकअप की कोई-न-कोई वजह होती है। कई बार दो लोगों के बीच प्यार तो होता है, लेकिन भरोसा, संवाद, सम्मान या भविष्य को लेकर सोच एक जैसी नहीं होती। कुछ रिश्ते गलतफहमियों से टूटते हैं, तो कुछ समय के साथ बदलती प्रिऑरिटी की वजह से। जब आप ईमानदारी से यह समझ लेते हैं कि रिश्ता क्यों नहीं चल पाया, तो उसे बार-बार आदर्श मानकर याद करने की बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना आसान हो जाता है। नीचे दिए गए ग्राफिक में ब्रेकअप की कुछ आम वजहें दी गई हैं। देखें कि इनमें से कौन-सी बातें आपके रिश्ते से मेल खाती हैं। हम अतीत में क्यों अटक जाते हैं? ब्रेकअप के बाद सबसे बड़ी चुनौती किसी व्यक्ति को भूलना नहीं, बल्कि इस सच को स्वीकार करना होता है कि वह रिश्ता अब खत्म हो चुका है। हमारा मन लंबे समय तक उम्मीद, यादों और हकीकत के बीच झूलता रहता है। कभी लगता है कि शायद सब पहले जैसा हो जाए, तो कभी दिल पुरानी यादों में लौट जाता है। यही वजह है कि कई लोग चाहकर भी आगे नहीं बढ़ पाते। मनोविज्ञान कहता है कि मूव-ऑन एक घटना नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया है। इसलिए इसमें जल्दबाजी नहीं, बल्कि सही क्रम जरूरी है। आइए, इन तीनों चरणों को विस्तार से समझते हैं। ब्रेकअप को एक्सेप्ट करें सबसे पहले यह एक्सेप्ट करें कि जो होना था, वह हो चुका है। मन के गुबार को रोकने की बजाय खुलकर रो लें या उसे डायरी में लिख दें। जब आप वर्तमान की सच्चाई को बिना उम्मीद के देखना शुरू करेंगी, तो मन धीरे-धीरे इस सच को अपना लेगा। लेट गो करें लेट गो का मतलब किसी को नफरत से भुलाना नहीं, बल्कि उन आदतों से आजाद होना है, जो आपको अतीत से बांधे रखती हैं। हर बार सोशल मीडिया पर उसकी प्रोफाइल देखना, पुरानी तस्वीरें देखना, चैट्स पढ़ना और उसकी जिंदगी की खबरें जानने की कोशिश करना, ये सब एक्शन आपके दिमाग में उसी रिश्ते को बार-बार जीवित करते हैं। लेकिन जब आप इन ट्रिगर्स से दूरी बनाते हैं, तो मन को भी धीरे-धीरे नए अनुभवों के लिए जगह मिलती है। खुद ही कर जाएंगी मूव-ऑन आगे बढ़ने के लिए अपना पूरा ध्यान खुद को संवारने में लगाएं। एक नया रूटीन बनाएं, योग या पेंटिंग जैसी हॉबीज अपनाएं और उन लोगों के साथ वक्त बिताएं, जो आपको खुशी देते हैं। जब आप खुद को प्राथमिकता देंगी तो दिल का घाव भरेगा और आप भी आगे बढ़ पाएंगी। अंतिम बात अब वक्त है खुद को इस इमोशनल लूप से बाहर निकालने का। अपनी खुशियों और करियर को अपनी प्राथमिकता बनाएं। गहरी सांस लें, इस बात पर भरोसा रखें कि आपकी कहानी यहीं खत्म नहीं होती, और एक नई शुरुआत के लिए मुस्कुराते हुए कदम आगे बढ़ाएं। …………………………. ये खबर भी पढ़ें… रिलेशनशिप एडवाइज- मेरे दोनों बॉयफ्रेंड्स टॉक्सिक थे:मैं ऐसे लोगों की तरफ ही क्यों अट्रैक्ट होती हूं, मुझे सच्चा प्यार कैसे मिलेगा साइकोलॉजी के मुताबिक, अगर कोई जिंदगी में बार-बार एक जैसा पैटर्न रिपीट कर रहा है तो इसके पीछे की असली वजह पहचानने की जरूरत है। चलिए आपकी प्रॉब्लम समझते हैं और सॉल्यूशन पर बात करते हैं। ये खबर भी पढ़ें…