जांच की आंच जबलपुर के साथ कटनी मंडल तक पहुंच सकती है। साथ ही कार्मिक और लेखा विभाग के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।