सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियों को लेकर 50 वर्षों से चल रहा विवाद आठ जुलाई को प्रस्तावित समझौते के साथ नए मोड़ पर पहुंच गया।