बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह फ़ैसला सिर्फ़ दतिया की एक सीट का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश बीजेपी के भीतर सत्ता, संगठन और नेतृत्व के नए संतुलन का संकेत भी है.