मनोचिकित्सकों की भाषा में इसे विथड्रावल सिम्टम्स कहा जाता है। विकल्प के तौर पर उन्हें लौंग, सौंफ आदि सामग्री दी जाती है, पर उसका भी खास लाभ नहीं मिलता।