जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने इस पर सुनवाई करते हुए याचिका में बदलाव की अर्जी को मंजूरी दे दी। याचिकाकर्ता को तीन दिनो में याचिका में आवश्यक बदलाव करना होगा। नए बिंदुओं के साथ याचिका पर हाई कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगी। बदलाव के साथ याचिका का विस्तार तो हो ही रहा है पूरे एक्ट को भी कोर्ट में चुनौती दी जा रही है।