देशभर से विभिन्न पंथ और मत के 450 से अधिक साधु-साध्वियों के आगमन का क्रम जारी है। कोई राजस्थान, गुजरात तो कोई महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों से विहार कर अहिल्या की नगरी की ओर आ रहे है। इसमें अपनी विशेष तप-साधना के लिए ख्या त आचार्य, उपाध्याय, मुनि, क्षुल्लक के साथ साध्वियों के संघ शामिल है।