भू-अभिलेख शाखा की रिपोर्ट के अनुसार जिले में एक जून से 7 जुलाई तक औसतन 213 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में केवल 96 मिमी वर्षा हुई थी। यानी इस बार मानसून ने पिछले साल की तुलना में दोगुने से भी अधिक वर्षा हुई है।