केंद्र सरकार ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को नए निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने बताया कि नियमों में पहले से तय है कि किन कार्यक्रमों में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाना या बजाना जरूरी है और किन मौकों पर इन्हें प्रस्तुत किया जा सकता है। मंत्रालय ने कहा है कि अगर दोनों एक साथ गाए-बजाए जाते हैं तो पहले राष्ट्रगीत और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। जिन राज्यों में राज्य गीत भी होता है, वहां तय क्रम का पालन करना होगा। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के मूल शब्द, सही उच्चारण और तय प्रस्तुति का पूरी तरह पालन किया जाए। मंत्रालय ने कहा है कि सभी राज्य पहले से बने सभी नियमों का सख्ती से पालन कराएं। इसके लिए दोनों का आधिकारिक पाठ और सही उच्चारण मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि किसी तरह की गलती न हो। इसके लिए 9 जुलाई को सभी राज्यों और मंत्रालयों को पत्र भेजा गया है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।