यह पूरा मामला बैंक में एफडी से जुड़ा है। जिसमें आरोप था कि बैंक दस्तावेज में हेरफेर कर एफडी की अवधि बढ़ाई गई और उसके आधार पर ब्याज राशि प्राप्त की गई।