याचिका में मांग की गई है कि घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र तथ्य-अन्वेषण समिति गठित की जाए।