मध्य प्रदेश के हिंदी भाषा प्रेमियों ने महाराष्ट्र में हिंदी विरोधी घटनाओं पर चिंता जताई। बैठक में पांच प्रस्ताव पारित हुए और भाषायी साम्राज्यवाद के खिलाफ दल भेजने का निर्णय हुआ।