इससे पहले 9 सितंबर को मेटा इंडिया के प्रतिनिधि NCPCR के सामने पेश हुए थे। सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत में काम करने वाली सोशल मीडिया कंपनियों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा एक जरूरी शर्त है। इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।