फोन पर किसी अपने की आवाज सुनकर हमें तुरंत भरोसा हो जाता है कि कॉल उसी व्यक्ति की है, लेकिन AI Voice Scam में इसी भरोसे का फायदा उठाया जाता है. AI की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज जैसी नकली आवाज तैयार की जा सकती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ मामलों में सिर्फ करीब तीन सेकंड की आवाज से भी उसका क्लोन बनाया जा सकता है, जो लगभग 85 प्रतिशत तक असली आवाज जैसी सुनाई दे सकती है. इसके बाद स्कैमर किसी रिश्तेदार या दोस्त की आवाज में कॉल करके बड़ा स्केम कर सकते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि असली और नकली AI Voice में कैसे फर्क करें. AI Voice Scam कैसे काम करता है?इस तरह की ठगी में स्कैमर पहले किसी व्यक्ति की आवाज का छोटा सा रिकॉर्डिंग सैंपल हासिल करते हैं. इसके बाद AI Voice Cloning टूल की मदद से उस आवाज की कॉपी तैयार की जाती है. AI आवाज के बोलने के अंदाज, फ्लकचुएशन और बोलने के ढंग को समझ कर उसी तरह की नई आवाज तैयार कर सकता है. इसके बाद इस नकली आवाज का इस्तेमाल किसी करीबी की पहचान बनाकर किया जा सकता है. असली और AI Voice में फर्क कैसे करें?1. बोलने की स्पीड - AI आवाज कई बार बहुत ज्यादा एक जैसी स्पीड और लय में बोलती है. बातचीत में जहां इंसान नॉर्मल तरीके से रुकता है, वहां AI आवाज में अजीब तरह का पॉज सुनाई दे सकता है. 2. आवाज का फ्लकचुएशन – असली इंसान बोलते समय कभी तेज, कभी धीमी आवाज में बोल सकता है और लंबी बात के दौरान सांस लेने के कारण आवाज में बदलाव आ सकता है. AI आवाज में वॉल्यूम और टोन जरूरत से ज्यादा एक जैसे रह सकते हैं. 3. बोलने का ढंग - AI कभी-कभी किसी खास नाम, शॉर्ट फॉर्म या मुश्किल शब्द को बोलने में गलती कर सकता है. कुछ शब्दों को जरूरत से ज्यादा साफ और एक ही तरीके से बोलना भी AI Voice हो सकता है. 4. तकनीकी गड़बड़ी - अगर आवाज में रोबोट जैसी फीलिंग, हल्की धातु जैसी आवाज, अचानक पिच बदलना या शब्दों के बीच अजीब कट महसूस हो, तो ऑडियो AI से बना हो सकता है. यह भी पढ़ें - WhatsApp में जल्द मिलेंगे नए Themes और Wallpapers! अब और बेहतर होगी चैटिंग5. AI डिटेक्टर - कुछ ऑनलाइन टूल ऑडियो को जांच कर यह अनुमान लगाने में मदद कर सकते हैं कि आवाज सिंथेटिक हो सकती है या नहीं. हालांकि, किसी जरूरी मामले में सिर्फ AI डिटेक्टर पर भरोसा न करें. 6. कोडवर्ड तर करें - परिवार में पहले से एक कोडवर्ड तय करना भी असली और AI Voice में फर्क करने का तरीका हो सकता है. आपकी आवाज स्कैमर तक कैसे पहुंच सकती है?सोशल मीडिया पर शेयर किए गए आपके वीडियो, रील या वॉइस नोट से भी आपकी आवाज का सैंपल लिया जा सकता है. कुछ स्कैमर स्पैम कॉल या रोबोकॉल के जरिए भी आपकी आवाज रिकॉर्ड करने की कोशिश कर सकते हैं. कई बार वे फोन पर छोटे-छोटे सवाल पूछते हैं, जिससे सामने वाला सिर्फ हां या Yes बोल दे और उस आवाज का इस्तेमाल आगे किया जा सके. यह भी पढ़ें - Phone Cache का काम क्या है, जानें कब हटाना सही?