पार्टी या किसी सोशल गैदरिंग के बाद अक्सर लोग सिरदर्द, बदहजमी या नींद न आने की शिकायत पर बिना सोचे-समझे कोई भी दवा खा लेते हैं, यह सोचकर कि इससे राहत मिल जाएगी. लेकिन डॉक्टर्स इस आदत को लेकर बार-बार आगाह करते रहे हैं, क्योंकि शराब और दवाओं का यह कॉम्बिनेशन कई बार शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है.मेदांता अस्पताल के लिवर ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डॉ. अरविंदर सिंह सोइन के मुताबिक शराब लिवर पर सीधा असर डालती है और जब इसके साथ दवाएं भी शरीर में जाती हैं तो लिवर पर दोहरा बोझ पड़ जाता है, जिससे नुकसान की आशंका कई गुना बढ़ जाती है.शरीर में क्यों होता है यह टकराव?शराब और ज्यादातर दवाएं लिवर में ही प्रोसेस होती हैं. जब दोनों एक साथ शरीर में जाती हैं तो लिवर के एंजाइम इन्हें प्रोसेस करने के लिए आपस में मुकाबला करने लगते हैं, जिससे दवा का असर या तो बहुत ज्यादा बढ़ जाता है या शरीर में उसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा जमा हो जाती है. इसी वजह से मतली, उल्टी, चक्कर, बेहोशी, हार्ट प्रॉब्लम, इंटरनल ब्लीडिंग और सांस लेने में दिक्कत जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.पेनकिलर और बुखार की दवाओं के साथ खतरापैरासिटामोल जैसी आम बुखार और दर्द की दवा को अगर शराब पीने वाले लोग बार-बार लेते हैं तो इससे लिवर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि दोनों ही लिवर पर दबाव डालते हैं. इसी तरह ऑक्सीकोडोन जैसे मजबूत पेनकिलर को शराब के साथ लेने पर सांस धीमी पड़ने और ओवरडोज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. डॉक्टर्स की सलाह होती है कि शराब पीने के बाद किसी भी पेनकिलर को अपनी मर्जी से लेने से पहले जरूर सोचें.यह भी पढ़ें: दिन में कितनी कॉफी पी सकते हैं, क्या कहते हैं डॉक्टर?ब्लड प्रेशर और शुगर की दवाओं पर भी असरजिन लोगों को ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की दवाएं चल रही हैं, उनके लिए भी शराब पीना जोखिम भरा हो सकता है. शराब ब्लड प्रेशर को अचानक बहुत कम कर सकती है, जिससे चक्कर आना या बेहोशी जैसी दिक्कत हो सकती है. इसी तरह डायबिटीज की कुछ दवाओं के साथ शराब लेने पर ब्लड शुगर बहुत ज्यादा गिर सकता है, जो खासकर बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है.क्या कहते हैं डॉक्टर्स?डॉ. सोइन के मुताबिक सिर्फ दवाओं के साथ ही नहीं, बल्कि आमतौर पर भी शराब की एक तय सीमा से ज्यादा मात्रा लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है. वह सलाह देते हैं कि पुरुषों को हफ्ते में 10 यूनिट से कम और महिलाओं को इससे भी कम शराब का सेवन करना चाहिए. उनका कहना है कि जो लोग पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, उन्हें शराब पीने से पहले या बाद में दवा लेने को लेकर डॉक्टर या फार्मासिस्ट से जरूर सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि हर दवा और हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है, और खुद से यह अंदाजा लगाना खतरे को न्योता देने जैसा हो सकता है.यह भी पढ़ें: पैसिव स्मोकिंग से भारत में 44.4 करोड़ लोग प्रभावित, चौंका देगी स्टडी