पिछले दो दिनों से ये गलतफहमियां फैलाई जा रही थी कि सरकार के फ़ैसले से digital transaction कम हो जाएंगे, अब फिर से cash का चलन बढ़ जाएगा। जो लोग cash की जगह UPI payment करते हैं, उन्हें नुक़सान होगा।