जिस पावरअस कंपनी ने पाकिस्तान के साथ समझौता किया है, उसमें राष्ट्रपति ट्रंप के दोनों बेटों की हिस्सेदारी है. समझौते को इस रूप में भी देखा जा रहा है कि पाकिस्तान से अमेरिका के रक्षा संबंध गहरे हो रहे हैं.