वोल्टेज कम ज्यादा हो रहा, जानें कौन से गैजेट्स सबसे पहले खराब होते हैं?

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वोल्टेज कम-ज्यादा होना घर की सामान्य परेशानी लग सकती है, लेकिन इसका असर सीधे महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स पर पड़ता है. खासकर गर्मी और बारिश के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने, सप्लाई सिस्टम पर लोड बढ़ने या मौसम से जुड़ी समस्याओं के कारण वोल्टेज में फ्लक्चुएशन देखा जा सकता है. कभी लाइट अचानक धीमी पड़ती है तो कभी तेज हो जाती है, कई बार टीवी, फ्रिज या दूसरे डिवाइस अचानक बंद भी हो जाते हैं. बार-बार होने वाला यह फ्लक्चुएशन सिर्फ काम में रुकावट नहीं डालता, बल्कि अंदर के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर भी दबाव बढ़ा सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि वोल्टेज कम ज्यादा होने से कौन-से गैजेट्स सबसे पहले खराब होते हैं. वोल्टेज फ्लक्चुएशन से क्या होता है?जब बिजली की सप्लाई तय लेवल से ऊपर या नीचे होती रहती है, तो इसे वोल्टेज फ्लक्चुएशन कहा जाता है. ज्यादा वोल्टेज से डिवाइसों के अंदर के सर्किट और दूसरे पार्ट्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. वहीं कम वोल्टेज में मोटर वाले डिवाइस सही तरीके से काम करने के लिए ज्यादा करंट खींच सकते हैं, जिससे वे गर्म होने लगते हैं. लगातार ऐसा होने पर डिवाइसों की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है और उनके पार्ट्स जल्दी खराब हो सकते हैं. कौन-से गैजेट्स सबसे पहले खराब होते हैं?1. एयर कंडीशनर और फ्रिज में कंप्रेसर लगा होता है, इसलिए वोल्टेज की समस्या इनके लिए परेशानी पैदा कर सकती है. लो वोल्टेज में कंप्रेसर को काम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है, जिससे वह गर्म हो सकता है और उसके इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल पार्ट्स पर भी दबाव बढ़ सकता है. 2. स्मार्ट टीवी, कंप्यूटर और दूसरे डिजिटल डिवाइस के अंदर संवेदनशील सर्किट, कैपेसिटर, रेगुलेटर और माइक्रोचिप जैसे पार्ट्स होते हैं. अचानक हाई वोल्टेज या पावर सर्ज आने पर इनमें खराबी हो सकती है. इसका असर स्क्रीन फ्लिकर होने, डिवाइस अचानक बंद होने या उसके काम करने की स्पीड और स्थिरता पर भी पड़ सकता है.3. वॉशिंग मशीन और पानी की मोटर जैसे डिवाइसों में मोटर लगातार बिजली पर निर्भर रहती है. लो वोल्टेज में मोटर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और वह ज्यादा गर्म हो सकती है. लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर मोटर की वाइंडिंग और दूसरे पार्ट्स खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. यह भी पढ़ें - QR स्कैन का झंझट खत्म, iPhone टच करते ही होगा पेमेंट, जानें कैसे?छोटे गैजेट्स को भी न करें नजरअंदाजWi-Fi राउटर, कंप्यूटर, टीवी, चार्जर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी अचानक आने वाले पावर स्पाइक से प्रभावित हो सकते हैं. बार-बार छोटे-छोटे सर्ज आने से अंदर के पार्ट्स धीरे-धीरे कमजोर हो सकते हैं. बिजली कटने के बाद सप्लाई लौटते समय आने वाला पावर बैक-सर्ज भी इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए परेशानी पैदा कर सकता है. वोल्टेज फ्लक्चुएशन से कैसे बचाएं डिवाइस? ऐसे में बड़े डिवाइसों के लिए सही क्षमता वाला वोल्टेज स्टेबलाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है. टीवी, कंप्यूटर और राउटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए सर्ज प्रोटेक्टर यूजफुल हो सकता है. ज्यादा समस्या वाले इलाकों में वोल्टेज मॉनिटरिंग रिले या ऑटोमैटिक कट-ऑफ डिवाइस भी इस्तेमाल किए जाते हैं. यह भी पढ़ें - TRAI का नया नियम! अब ऐसी कॉल पर लगेगा 5 पैसे प्रति मिनट तक चार्ज, जानें क्या बदलेगा