उज्जैन में युवा धर्म संसद के दूसरे दिन RSS प्रमुख मोहन भागवत ने युवाओं को धर्म और रिलीजन के बीच अंतर को समझाया। उन्होंने कहा कि धर्म किसी को बांधता नहीं, बल्कि मुक्त करता है और युवाओं को जीवन की सही दिशा देने का माध्यम है।