ईओडब्ल्यू ने 27 मई 2026 को सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी मामले में जांच की दिशा और कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।