पाकिस्तानी जंगी जहाज भारतीय जहाज से टकराया:तेज रफ्तार से गलत दिशा में मुड़ा; दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब

Wait 5 sec.

अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों की टक्कर हुई। घटना उत्तर अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई। भारत के मुताबिक, नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय युद्धपोत के पास पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और असुरक्षित तरीके से दिशा बदली। इसी दौरान दोनों जहाज टकरा गए। घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी'अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के व्यवहार को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया। दिशा बदलने के दौरान दोनों की टक्कर हुई ANI के मुताबिक, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार से भारतीय जहाज के करीब आ गया। पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया गया है। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी लगातार कम होती गई और आखिर में वे आपस में टकरा गए। टक्कर में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, अभी दोनों जहाजों के नाम और टक्कर की सही जगह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। 35 साल पुराने समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने कहा कि पाकिस्तानी जहाज का यह कदम अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के आर्टिकल 10 के खिलाफ है। दरअसल, दोनों देशों ने पहले से तय कर रखा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्र में उनके सैन्य जहाज और पनडुब्बियां एक-दूसरे के बहुत करीब नहीं आएंगे। इसका मकसद समुद्र में जहाजों की टक्कर और किसी दूसरी दुर्घटना से बचना है। इस समझौते में दोनों देशों की सेनाओं की गतिविधियों को लेकर कई नियम हैं। इनमें सैन्य अभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की जानकारी पहले देने के नियम भी शामिल हैं। साथ ही, समुद्र में युद्धपोतों और पनडुब्बियों के बीच दूरी को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। आर्टिकल 10 के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय समुद्र में भारत और पाकिस्तान के युद्धपोत और पनडुब्बियां एक-दूसरे से 3 नॉटिकल मील यानी करीब 5.56 किलोमीटर से कम दूरी पर नहीं आ सकते। भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा? विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी'अफेयर्स से कहा कि वह भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि समुद्र में सभी सैन्य जहाजों को सावधानी से काम करना चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी'अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने को कहा गया है। क्या पहले भी हुई है ऐसी घटना? भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के पीएनएस बाबर के बीच भी टक्कर की स्थिति बनी थी। उस समय दोनों देशों ने एक-दूसरे के जहाज पर खतरनाक तरीके से चलने का आरोप लगाया था। भारत ने तब भी 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था। मौजूदा मामले में भी भारत ने समुद्र में तय नियमों और दोनों देशों के जहाजों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने को लेकर आपत्ति जताई है।खबर अपडेट हो रही है…