बाल हमारे व्यक्तित्व का अहम हिस्सा हैं। घने, मजबूत और चमकदार बाल न सिर्फ आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि अच्छी सेहत की भी निशानी होते हैं। अचानक बालों का झड़ना चिंता का विषय है। अक्सर लोग इसका दोष मौसम, पानी या शैंपू को देते हैं। जबकि कई बार समस्या की जड़ शरीर में होती है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, अचानक और ज्यादा बाल झड़ना अक्सर ‘टेलोजन एफ्लुवियम' नाम की हेल्थ कंडीशन से जुड़ा होता है। इसमें स्ट्रेस, पोषक तत्वों की कमी या हार्मोनल बदलाव के कारण बड़ी संख्या में बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं। हालांकि अच्छी बात यह है ज्यादातर मामलों में सही कारण का पता लगाकर और लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करके इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हेयर फॉल की समस्या को विस्तार से समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. भावुक धीर, कंसल्टेंट- डर्मेटोलॉजी, पीएसआरआई हॉस्पिटल, नई दिल्ली सवाल- अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें तो इसके पीछे क्या संभावित कारण हो सकते हैं? जवाब- इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। हेयर ट्रीटमेंट, बार-बार कलरिंग या हीट स्टाइलिंग से बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। वहीं महिलाओं में प्रेग्नेंसी के बाद कुछ समय तक बाल ज्यादा झड़ते हैं। सभी कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- हेयर फॉल के कारण को कैसे पहचानें? जवाब- इसका सबसे सही तरीका है पैटर्न, टाइमिंग और साथ में दिख रहे लक्षणों को जोड़कर देखना। इसे पॉइंटर्स से समझिए- 1) स्ट्रेस/इमोशनल शॉक 2) न्यूट्रिशन की कमी 3) हार्मोनल बदलाव (थायरॉइड/PMOS) 4) बीमारी/इन्फेक्शन के बाद 5) दवाइयों के साइड इफेक्ट 6) स्कैल्प प्रॉब्लम 7) हेयर ट्रीटमेंट/हेयरस्टाइल 8) जेनेटिक कारण 9) मौसम बदलना अगर कुछ हफ्तों के लिए ही हेयर फॉल बढ़े और फिर खुद ठीक हो जाए तो यह सीजनल शेडिंग है। सवाल- हेयरफॉल को रोकने के लिए क्या करें? जवाब- सही हेयर केयर और हेल्दी लाइफस्टाइल से हेयर फॉल को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जवाब- इन कंडीशंस में डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है- सवाल- नॉर्मल हेयर फॉल कितना होता है? जवाब- डेली 50-100 बाल झड़ना सामान्य माना जाता है। दरअसल, हमारे बाल ग्रोथ के अलग-अलग फेज (एनाजेन, कैटाजेन , और टेलोजेन) में रहते हैं। हर समय लगभग 10% बाल 'टेलोजन फेज' (शेडिंग फेज) में होते हैं। सवाल- हेयर फॉल और हेयर लॉस में क्या फर्क है? जवाब- इसका अंतर बालों के हेयर ग्रोथ साइकिल और फॉलिकल के पैटर्न से समझा जाता है, जैसेकि- हेयर फॉल हेयर लॉस सवाल- क्या मौसम बदलने पर भी बाल झड़ते हैं? जवाब- हां, इसे ‘सीजनल हेयर फॉल’ कहते हैं। मौसम में बदलाव बालों की ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर 2-6 हफ्तों में अपने-आप ठीक हो जाता है और नए बाल उगने लगते हैं। सवाल- कैसे पहचानें कि स्कैल्प हेल्दी है या नहीं? जवाब- बालों की अच्छी सेहत की जड़ हेल्दी स्कैल्प है। स्कैल्प हेल्दी है या नहीं, इसके सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या बालों का झड़ना किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है? जवाब- हां, कभी-कभी बाल झड़ना सिर्फ हेयर प्रॉब्लम नहीं, बल्कि किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- हमारी किन खराब आदतों के कारण बालों को नुकसान होता है? जवाब- रोजमर्रा की कुछ खराब आदतें बालों को कमजोर बना सकती हैं। ग्राफिक में ऐसी आदतों की लिस्ट देखिए- सवाल- हेल्दी बालों के लिए क्या खाएं? जवाब- मजबूत और घने बालों के लिए सही पोषण जरूरी है। इसके लिए डाइट में कुछ चीजें जरूर शामिल करें। ग्राफिक में देखिए- हेयर फॉल से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या रोज बाल धोना सही है? जवाब- आमतौर पर 2-3 दिन में एक बार बाल धोना बैलेंस्ड माना जाता है। सवाल- क्या बार-बार शैम्पू बदलने से बाल झड़ सकते हैं? जवाब- हां, इससे स्कैल्प का बैलेंस बिगड़ सकता है। सवाल- क्या हार्ड वाटर से बाल ज्यादा झड़ते हैं? जवाब- हां, हार्ड वाटर में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल ज्यादा होते हैं। ये बालों पर जमा होकर उन्हें रूखा, बेजान और कमजोर बना देते हैं। सवाल- क्या हेयर ग्रोथ के लिए ऑयलिंग जरूरी है? जवाब- बालों की ग्रोथ जड़ों से होती है, जो ब्लड सर्कुलेशन, हार्मोन और न्यूट्रिशन पर निर्भर होती है। सिर्फ तेल लगाने से नए बाल नहीं उगते। हालांकि ऑयलिंग से बाल हेल्दी होते हैं। सवाल- क्या हेयर कट कराने से बाल गिरना कम होता है? जवाब- नहीं, बालों की ग्रोथ और फॉल दोनों हेयर फॉलिकल्स से कंट्रोल होता है, बालों की लंबाई से नहीं। हालांकि ट्रिमिंग से दोमुंहे बाल हट जाते हैं। ……………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- बच्चे की लंबाई नहीं बढ़ रही:डॉक्टर से जानें कौन से न्यूट्रिएंट्स जरूरी, कंप्लीट हेल्दी डाइट गाइड, ये 9 चीजें न दें ‘नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे’ (NFHS-5) के मुताबिक, भारत में 5 साल से कम उम्र के लगभग 35.5% बच्चे स्टंटेड हैं। यानी हर 10 में से करीब 4 बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से कम है। अक्सर लोग मानते हैं कि हाइट सिर्फ जेनेटिक्स पर निर्भर करती है। जबकि हकीकत यह है कि हेल्दी लाइफस्टाइल भी बच्चे की हाइट ग्रोथ में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में हाइट के पीछे का साइंस समझना बेहद जरूरी है। पूरी खबर पढ़ें…