घरों में तरह-तरह के महाराष्ट्रीयन व्यंजन बनाए गए और महिलाओं ने हल्दी-कुंकू की रस्म भी निभाई। शनिवार को घी-चावल का भोग लगाकर गौरी को विदाई दी जाएगी।