सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Threads पर युवाओं की ऑनलाइन एक्टिविटी को लेकर Meta ने बड़ा अपडेट किया है. कंपनी ने भारत समेत एशिया-पैसिफिक एरिया में पैरेंटल सुपरविजन फीचर को रोल आउट करना शुरू किया है. इसके जरिए माता-पिता अपने बच्चों के Threads इस्तेमाल का समय देख सकेंगे और कई अहम सेटिंग्स को मैनेज कर पाएंगे. ये सुविधा Meta के Family Centre के जरिए उपलब्ध होगी.पिछले 7 दिन का स्क्रीन टाइम देख सकेंगे पैरेंट्समीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नए पैरेंटल कंट्रोल की मदद से माता-पिता ये देख पाएंगे कि उनके बच्चे ने पिछले सात दिनों में हर दिन Threads पर कितना समय बिताया है. इसके साथ ही पूरे सप्ताह का औसत डेली स्क्रीन टाइम भी देखा जा सकेगा. इससे पैरेंट्स को ये समझने में मदद मिलेगी कि बच्चा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कितना वक्त बिता रहा है. Meta के मुताबिक, ये निगरानी Threads पर सुपरविजन सेटअप होने के बाद उपलब्ध होगी.रात में Threads को कर सकेंगे ब्लॉकनए फीचर में Sleep Mode का कंट्रोल भी शामिल है. माता-पिता रात के समय Threads के इस्तेमाल को सीमित या पूरी तरह ब्लॉक कर सकते हैं. Meta के डिफॉल्ट Sleep Mode में रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक नोटिफिकेशन म्यूट रहते हैं और ऑटो-रिप्लाई ऑन रहता है. पैरेंट्स अपनी जरूरत के अनुसार इन सेटिंग्स को एडजस्ट कर सकते हैं.यह भी पढ़ें: बच्चे का Instagram अकाउंट देख सकते हैं पैरेंट्स? क्या कहता है Metaरोजाना की टाइम लिमिट भी कर सकेंगे तयMeta ने पैरेंट्स को Threads के लिए डेली टाइम लिमिट सेट करने का ऑप्शन भी दिया है. यानी माता-पिता तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा एक दिन में कितनी देर तक Threads इस्तेमाल कर सकता है.इसके अलावा कुछ खास दिनों या घंटों में Threads का एक्सेस पूरी तरह ब्लॉक भी किया जा सकेगा. खास बात ये है कि अगर किशोर Threads को एक से ज्यादा डिवाइस पर इस्तेमाल करता है तो टाइम लिमिट सभी डिवाइस पर कुल इस्तेमाल के समय पर लागू होगी.टैगिंग और प्राइवेसी पर भी कंट्रोलसिर्फ स्क्रीन टाइम ही नहीं, माता-पिता अब कुछ प्राइवेसी और कंटेंट सेटिंग्स भी मैनेज कर सकेंगे. वे ये कंट्रोल कर पाएंगे कि Threads पोस्ट में उनके बच्चे को कौन टैग कर सकता है. इसके अलावा कुछ प्राइवेसी सेटिंग्स और संवेदनशील कंटेंट से जुड़ी प्राथमिकताओं को मैनेज या अप्रूव करने का ऑप्शन भी मिलेगा.Family Centre से मिलेगा पूरा कंट्रोलइन सभी फीचर्स को Meta के Family Centre के जरिए मैनेज किया जा सकेगा. कंपनी का कहना है कि वह आगे भी पैरेंटल सुपरविजन टूल्स का विस्तार करेगी जिससे माता-पिता Meta के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी से जुड़ी जरूरी जानकारी और कंट्रोल एक ही जगह से हासिल कर सकें.यह भी पढ़ें:Mini Split AC चलाना है Solar से, पहले जानें कितने Panel लगेंगे?