याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार की ओर से फीस का भुगतान नहीं किए जाने के आधार पर विश्वविद्यालय ने छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।