मक्का में पहली बार मिसाइल अटैक का इमरजेंसी अलर्ट:हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए

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यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके बाद सऊदी अरब ने मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक, नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म ने अलर्ट जारी किया था। लोगों से ऊंची इमारतों से दूर रहने की अपील की गई। कुछ देर बाद सिविल डिफेंस ने बताया कि खतरा टल गया है। हालांकि, लोगों से भीड़ से दूर रहने और किसी घटना की वीडियो या फोटो नहीं बनाने की अपील की गई। मंगलवार सुबह जेद्दा और ताइफ में भी ऐसे ही इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए थे। इन्हें भी कुछ देर बाद वापस ले लिया गया। सऊदी में मिसाइल हमले की तस्वीर लोगों से अपील- खुले इलाकों में जाने से बचें मक्का, जेद्दा और ताइफ में जारी अलर्ट में लोगों से कहा गया कि वे भीड़ और खुले इलाकों में जाने से बचें। लोगों से शांत रहने और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित जगह जाने की अपील की गई। लोगों को घर के अंदर रहने और खिड़कियों, बालकनी, छत, कांच और खुली जगहों से दूर रहने को कहा गया है। अगर कोई व्यक्ति घर से बाहर हो, तो उसे तुरंत पास की किसी बिल्डिंग में जाने या किसी मजबूत चीज की आड़ में छिपने और खतरा टलने तक वहीं रहने की सलाह दी गई है। हूती हमलों में अब तक 13 लोग घायल ये इमरजेंसी अलर्ट सऊदी अरब पर हूतियों के लगातार हमलों के बीच जारी किए गए हैं। सोमवार को हूतियों ने सऊदी शहरों खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ की ओर कई मिसाइल और ड्रोन दागे थे। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 13 नागरिक घायल हुए थे। मंगलवार को जारी बयान में अल-मलिकी ने सऊदी नागरिकों को निशाना बनाने वाले हूतियों के हमलों को जानबूझकर किया गया हमला बताया। पिछले हफ्ते भी हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइलों और ड्रोन की बड़ी संख्या में हमले किए थे। इनमें अबहा, खमिस मुशैत, जाजान और नजरान शहरों को निशाना बनाया गया था। इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए थे। हमलों के बाद सऊदी अरब की कुछ ऊर्जा सुविधाओं का काम भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। यमन में तनाव के बाद सऊदी में हमले ईरान से जुड़े हूतियों का आरोप है कि सऊदी अरब यमन में हवाई हमले कर रहा है और क्रूज मिसाइलें दाग रहा है। यमन के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच भारी लड़ाई चल रही है। इसी बीच हूतियों ने यमन के पश्चिमी लाल सागर तट पर तेजी से अपना कब्जा बढ़ाया है। उन्होंने सोमवार को इस इलाके में दो और द्वीप ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश पर भी कब्जा कर लिया। ये दोनों द्वीप बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से करीब 160 किमी उत्तर में स्थित हैं। यमन में 500 से ज्यादा सरकारी लड़ाके मारे गए यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ाई में पिछले चार हफ्तों में सरकार समर्थित 500 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं। सरकार के समर्थन में लड़ने वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स ने यह दावा किया है। संगठन के मुताबिक, इसी दौरान होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके भी मारे गए। हालांकि, हूतियों ने इन आंकड़ों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच यमनी सरकार ने लाल सागर के तट पर और सैनिक भेजने का फैसला किया है। सरकार के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते की हार को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी बल फिर से इलाके में लौटेंगे। सऊदी की मदद से पाकिस्तान ने इनकार किया हूती विद्रोहियों के हमले और तेजी से बढ़ते कब्जे ने सऊदी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब अब मदद के लिए अपने सहयोगी देशों से संपर्क कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने सऊदी की मदद करने से साफ इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने कहा कि उसकी सेना सऊदी अरब की जमीन की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन वह किसी दूसरे देश की जमीन पर युद्ध में शामिल नहीं होगी। ----------------- यह खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- पाकिस्तान ने सऊदी अरब की मदद से इनकार किया: हूती विद्रोहियों से लड़ने के लिए सेना नहीं भेजी, सऊदी ने इजराइल से मदद मांगी हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इससे सऊदी की सुरक्षा और व्यापार पर संकट बढ़ गया है। सऊदी ने मक्का डिफेंस अलायंस के साथी पाकिस्तान से मदद मांगी थी। लेकिन पाकिस्तान ने सेना या सैन्य संसाधन भेजने से इनकार कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें…